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Weight Lifter में मीराबाई चानू ने जीता एक बार फिर से स्वर्ण पदक


दोस्तों आप सभी ने यह कहावत तो सुनी ही होगी अगर इंसान कुछ भी करने के मामले और उसे अपने मन से करें तो उससे वह चीज कभी दूर नहीं जा सकते हैं। और यह वाक्य सच करके दिखाने वाली एक हमारी है भारतीय खिलाड़ी है जिनका नाम है मीरा बाई चानू। मीराबाई चानू को वेटलिफ्टर के नाम से जाना जाता है मीराबाई चानू को कुछ दिन पहले कमर में चोट लग गई थी। जिसकी वजह से उनको ठीक होने में 6 महीने लग गए थे और उनके उनको डॉक्टर ने कहा था कि आप दोबारा से वेटलिफ्टिंग नहीं कर सकते हैं।
पर मीराबाई ने थाना हुआ था कि वह वेट लिफ्टिंग करेंगे और भारत के लिए एक बार फिर से स्वर्ण पदक जीतकर आएंगे और वह भी कुछ ऐसा ही मीराबाई ने एक बार फिर से ट्रेनिंग शुरू की और ट्रेनिंग के बाद उन्होंने 6 महीने बाद फिर से भारतीय मैप पर वापसी की। और स्वर्ण पदक जीत लिया वेटलिफ्टिंग गेम थाईलैंड में हुआ था। जहां चनु ने स्वर्ण पदक जीता जानू ने इस पद को लेकर कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे अहम पल है उन्होंने सोचा नहीं था कि वह एक बार फिर से नेट पर वापस आएंगे और स्वर्ण पदक जीत पाएंगे जानू ने 192 किलो भार उठाकर यह पदक अपने नाम किया।

चनु ने पत्रकार से कोई बातचीत में कहां के जय पदक मेरे लिए टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के हिसाब से बहुत जरूरी था यह पदक मुझे अपने कैरियर में बहुत आगे लिखे जाने में मदद करेगी 2020 में टोक्यो में ओलंपिक होने वाले हैं और मौजा मेरा क्वालीफाई करना बहुत जरूरी था जानू ने कहा कि जापान के मियां के हिरानी को हराना इतना आसान नहीं था वह भी बहुत अच्छा स्पोर्ट्स ले रहे हैं और मुझे दुख है कि वह आगे नहीं जा पा रहे हैं चानू ने पत्रकार से कहा कि मुझे बहुत दुख है कि मैं भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम में नहीं खेल पाई थी और ना ही जकर्ता में हुए एशियन गेम्स में खेल पाए थे 24 साल की चानू ने गोल्ड कोस्टा में 46 किलोग्राम में स्वर्ण पदक जीता था यह खेलों के हिसाब से उनका सबसे अच्छा रिकॉर्ड है पत्रकार से बात करते हुए जानू ने कहा कि वह भारत की तरफ से अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और आने वाले समय में भारत में वेटलिफ्टर का एक इंस्टिट्यूट खोलना चाहते हैं।

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